मुस्लिम धर्म के बारे में जाने

मुस्लिम धर्म के बारे में जानकारियाँ

1. इस्लाम धर्म की परिचय क्या है ?
इस्लाम एक एकेश्वरवादी धर्म है, जो इस्लाम अनुयायियों के अनुसार, अल्लाह के अंतिम रसूल और नबी, मुहम्मद के द्वारा इसानों/मनुष्यों तक पहुंचाई गयी |
सबसे अंतिम ईश्वरीय पुस्तक कुराण की शिक्षा पर आधारित है।
कुराण अरबी भाषा में रची गयी, और इसी भाषा में विश्व की कुल जनसंख्या के 25% हिस्से, यानी लगभग 1.61 से लेकर 1.8 अरब लोगों, द्वारा पढ़ी जाती है, इसमें से लगभग 20 से 30 करोड़ लोगों की यह मातृभाषा अरबी है।
मुहम्मद के मुख से कथित होकर लिखी जाने वाली पुस्तक और पुस्तक का पालन करने के निर्देश प्रदान करने वाली शरीयत ही दो मुख्य ऐसे संसाधन हैं, जो इस्लाम की जानकारी के स्त्रोत करार दिये जाते हैं।


♥ इस्लाम धर्म लेख के मुख्य बिंदुओ... mushlim religion
1. इस्लाम धर्म की परिचय क्या है ?
2. इस्लाम धर्म का तात्पर्य क्या है ?
3. सभी अरबी क्या मुस्लिम नहीं हैं ?
4. अल्ला-हु-अकबर शब्द का अर्थ क्या होता है ?
5. इस्लाम धर्म के अन्य मुख्य तथ्य क्या है ?
6. इस्लाम धर्म में कपड़ो और शराब के बारे में क्या कहा गया है ?

2. इस्लाम धर्म का तात्पर्य क्या है ?


इस्लाम का तात्पर्य हैं शांति। परन्तु इन दिनों संसार में इस्लाम को लेकर अनेक गलत धारणायें हैं। इस्लाम का गूढ़ तात्पर्य हैं |
मानवता से प्यार करना। अगर व्यक्ति एक अच्छा इंसान नहीं हैं तो वह एक अच्छा मुसलमान नहीं बन सकता हैं।
जो व्यक्ति मुस्लिम समुदाय से नहीं हैं वह भी कह सकता हैं कि मैं मुसलमान हूँ |
क्यों कि मुसलमान होने का मतलब हैं ऐसा व्यक्ति जो शांति से रहता हैं और अल्लाह को समर्पित हैं।
इस्लातम में मांसाहार के बारे में चौकानें वाले तथ्य बहुत से देशों को दाढ़ी रखने वाले पुरुषों और बुरखा पहनने वाली महिलाओं से डर लगता हैं।
इसे इस्लामोंफोबिया कहा जाता हैं क्यों कि उन्हें इस्लाम और मुस्लिम लोगों से एक अंजान सा डर हैं।
इस्लाम एक ऐसा धर्म हैं जिसे लोगों ने सही समझा नहीं हैं, क्यों कि उन्हें इसकी मूल बातें पता नहीं हैं।
इस्लाम अन्य धर्मों का आदर करता हैं और अन्य धर्मों के लोगों से भाईचारा रखना सिखाता हैं। इस्लाम मानता हैं कि धर्म को लेकर किसी पर कोई दबाव नहीं हैं।

3. सभी अरबी क्या मुस्लिम नहीं हैं ?


क्या सभी अरबी मुस्लिम नहीं हैं ? तो इसका जवाब हाँ है, सभी अरबी मुस्लिम नहीं हैं। अरबी लोग ईसाई, बौद्ध, यहूदी, एथेस्ट भी हैं। फिर भी इन्डोनेशिया में मुस्लिम आबादी ज्यादा हैं।
मुस्लिम लोग मोहम्मद और मक्का की पूजा नहीं करते मोहम्मद साहब इस्लाम के अंतिम धर्मगुरु हुये। उनका आदर सबके मन में हैं |
परन्तु उनकी पूजा नहीं की जाती हैं। अगर अल्लाह के अलावा कोई किसी और की पूजा करता हैं तो उसे पाप समान समझा जाता हैं |
जिसे शिर्क कहा जाता हैं। मक्का और मोहम्मद दोनों को इस्लाम में बहुत माना जाता हैं परन्तु उनकी पूजा नहीं की जाती हैं।

4. अल्ला-हु-अकबर शब्द का अर्थ क्या होता है ?


अल्ला-हु-अकबर डरने का शब्द नहीं हैं, अल्ला-हु-अकबर का मतलब हैं ‘अल्लाह महान हैं'।
मुस्लिम लोग अपने दुख-दर्द और चिंताएँ मिटाने के लिये ऐसा कहते हैं। जो व्यक्ति मुसलमान नहीं हैं वह इसका तात्पर्य लगा सकता हैं |
कि ‘ईश्वर महान हैं'। यीशु के लिये खास जगह यीशु के लिये खास जगह मोहम्मद पैगंबर साहब के मकबरे के पास ही यीशु के लिये एक खास जगह हैं।
ऐसा माना जाता हैं कि एक दिन यीशु आएंगे और उन्हें यहाँ दफनाया जाएगा।
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5. इस्लाम धर्म के अन्य मुख्य तथ्य क्या है ?


धर्म इस्लाम संसार का दूसरा सबसे बड़ा और तेजी से बढ़ता हुआ धर्म हैं, 2050 तक यह ईसाई धर्म के बराबर हो जाएगा।
मैरी मैरी मैरी या मरियम का नाम जितना बाईबल में लिया गया हैं उससे कहीं ज्यादा कुरान में लिया गया हैं।
मुसलमानों ने यहूदियों को बचाया था द्वितीय विश्व युद्ध में बहुत से मुसलमानों ने नाजियों से यहूदियों को बचाने के लिये अपने जीवन का बलिदान दिया था।
गर्भपात गर्भपात इस्लाम में बच्चे के भ्रूण को मारने पर प्रतिबंध हैं। अगर उससे माँ को खतरा हैं तो ऐसा किया जा सकता हैं।

मुसलमान हिंसा नहीं चाहते मुसलमान हिंसा नहीं चाहते हिंसा इस्लाम के खिलाफ हैं। इस्लाम का मतलब हैं शांति और लोगों को द्रढ़ता से इसका पालन करना चाहिए।
इस्लाम धर्म मानवता पर आधारित हैं | और मोहम्मद साहब ने तो उन सभी लोगों को भी प्यार किया जिनलोगों ने उन पर कचरा फेंका था। जो व्यक्ति अपने आपको मुसलमान कहता हैं |
और हिंसा फैलाता हैं इस्लाम ऐसे व्यक्ति को स्वीकार नहीं करता हैं। यात्रा यात्रा मुस्लिम महिलाएं अकेली यात्रा नहीं कर सकती हैं। यह केवल उनकी रक्षा के लिये हैं,
उन्हें अपने पिता, भाई या पति के साथ ट्रैवल करना चाहिए। फिर भी कुछ महिलाएं इसका पालन नहीं करती हैं और अकेले ही यात्रा करती हैं।
फिर भी अनेक मुस्लिम देशों में महिलाओं को अकेले यात्रा नहीं करने के बारे में कानून बना हुआ हैं।

6. इस्लाम धर्म में कपड़ो और शराब के बारे में क्या कहा गया है ?


सभी मुस्लिम महिलाएं हिजाब नहीं पहनती है | बुरखा या हिजाब का मतलब सिर्फ अपने आप को ढ़कना हैं।
मुस्लिम महिला के लिये बुरखा पहनना अनिवार्य नहीं हैं, वे अन्य ढीले और मॉडर्न परिधान भी पहन सकती हैं। बस आपके शरीर का कोई हिस्सा दिखना नहीं चाहिए।
इस्लाम में शराब और स्मोकिंग क्यों बंद हैं ऊसका ऊज्वल भविष्य कॅन्सर की वजह से ठहर गया,
ऊसे मदद की ज़रूरत. इस्लाम में शराब और स्मोकिंग क्यों बंद हैं इसका कारण हैं | कि एल्कोहल और शराब एक धीमा जहर हैं और इस्लाम में आत्महत्या वर्जित हैं।
जो भी आपको मार सकती हैं इस्लाम उसकी आज्ञा नहीं देता हैं। इसके साथ इन चीजों के सेवन के बाद व्यक्ति बुरे काम भी करता हैं।
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