प्राचीन भारत के बारे में जानिये

प्राचीन भारत Modern India

1. 1857 के विद्रोह के महत्वपूर्ण तथ्य एक नजर में ?
29 मार्च 1857 ई को मंगल पांडेय नाम एक सैनिक ने बैरकपुर में गाय की चर्बी मिले कारतूसों को मुँह से काटने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया,
जिसके फलस्वरूप मंगल पांडेय को गिरफ्तार कर लिया गया | और सन 8 अप्रैल 1857 ई को फांसी दे दी गई |
10 मई 1857 ई के दिन मेरठ से 1857 ईस्वी की क्रांति की शुरुवात हुई थी|इस क्रांति के दौरान जगह – जगह पर विद्रोह होना शुरू हो गया | जैसे की... borders of india from history
☆ दिल्ली :– बहादुरशाह जफ़र बख्त खा के नेतृत्व में |
☆ कानपूर :– नाना साहब ,तात्या के नेतृत्व में |
☆ लखनऊ :– बेगम हज़रत महल के नेतृत्व में |
☆ झांसी :– रानी लक्ष्मीबाई के नेतृत्व में |
☆ जगदीशपुर :- कुँअर सिंह के नेतृत्व में |
☆ बरेली :– खान बहादुर खा के नेतृत्व में |

♥ आधुनिक भारत लेख के मुख्य बिंदुओ...
1. 1857 के विद्रोह के महत्वपूर्ण तथ्य एक नजर में ?
2. कुछ मुख्य बिंदुओं मुख्य गवर्नर/ वायसराय से सबंधित |
3. प्राचीन भारत के कुछ महत्वपूर्ण तिथियों के घटित घटनायें |
4. कोंग्रेस पार्टी से सम्बंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं |
5. कुछ स्मरणीय महत्वपूर्ण तथ्य...

2. कुछ मुख्य बिंदुओं मुख्य गवर्नर/ वायसराय से सबंधित |


प्राचीन भारत में निम्नलिखित गवर्नर/ वायसराय हुये थे...
☆ प्रथम गवर्नर :– राबर्ट क्लाइव
☆ प्रथम वायसराय :– लार्ड केनिंग (1858 – 1862 )
☆ स्वतन्त्र भारत के पहले गवर्नल जनरल :– लार्ड माउंटबेटेन
☆ सवतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर :– राजगोपालचारी |

3. प्राचीन भारत के कुछ महत्वपूर्ण तिथियों के घटित घटनायें |

1. ☆ 1885 जब भारत में अंग्रजो ने अपना शासन स्थापित कर लिया था, तब इन्होंने भारत की जनता को और भी ज्यादा ज्यादा परेशान करना शुरू करा दिया था |
भारतीयों को मन में एक ऐसी राजनैतिक पार्टी बनाने की मांग बड़ी जो भारत की जनता की मांगो को अंग्रजो तक पहुंचा सके |
जिसके कारण के फलस्वरूप 1885 ई. में कांग्रेस की स्थापना बम्बई (मुंबई) में की गयी |
जिस समय भारत में कोंग्रेस का गठन हुआ था, उस समय जरनल लार्ड डफरिन बंगाल का गवर्नल था |

2. ☆ 1886 1886 ई. में कांग्रेस पुरे भारत देश भर में फैल गयी थी, और यह एक राष्ट्रिय पार्टी बन करके उभर गयी थी |

3. ☆ 1887 ई. में दादाभाई नैरोजी ने इंग्लैड में भारतीय सुधार समिति की स्थापना की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य अंग्रजो की नीतियों का विरोध करना था |

4. ☆ 1892 ई. में में दादाभाई नैरोजी ने ब्रिटेन के फिन्सवरी नामक स्थान से सांसद पद का चुनाव लड़ा और ब्रिटेन की सांसद पहुंचने वाले पहले भारतीय बने थे |

5. ☆ 1905 ई. में 20 जुलाई 1905 को बंगाल के विभाजन की घोषणा गवर्नल लार्ड कर्जन ने कर दी |
जिसके विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता में स्वदेशी आंदोलन का शुरुआत हुआ था,
लेकिन इसके बावजूद भी लार्ड कर्जन ने 15 अक्टूबर 1905 को बंगाल का विभाजन आरम्भ कर दिया |
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6. ☆ 1906 ई. में आगा खान तथा नवाब सलीम मुल्लाद खान ने मुस्लिम लीग की गठन कर दी |
इसका सविधान कराची में बना था और इसका पहला अधिवेशन अमृतसर में आयोजित किया गया था |

7. ☆ 1907 ई. में कांग्रेस का सूरत अधिवेशन आरम्भ किया गया |
यहाँ पर दो दलों में विभाजित हो गई थी, उनमे से कांग्रेस नरम दल और गरमदल में विभाजित हो गयी | इस अधिवेशन की अध्यक्षता रास बिहारी बोस ने किया था |
1908 से 1910 के मध्य में भारत में क्रांतिकारी गतिविधियाँ सक्रिय हो चुकी थी | इस समय बहुत से क्रांतिकारियों ने अपना बलिदान दे दिया |
खुदिराम बोस पहले युवा क्रांतिकारी हुये तथा अस्फाक उल्ला खां पहले मुस्लिम क्रांतिकारी होने का गौरव हासिल किये थे |
जिन्होंने अपनी प्राण देश के लिये न्योछावर कर दिया था | इस समय पुरे भारत देश में अराजकता का माहौल बन गया था |

8. ☆ 1911 ई. में लार्ड हार्डिंग बंगाल का गवर्नर जनरल बना गवर्नल जनरल बनने के साथ ही इसने बंगाल का विभाजन रद्द कर दिया था |
और भारत की राजधानी कोलकाता से हटाकर दिल्ली बनाने की घोषणा कर दी |

9. ☆ 1912 ई. में भारत की राजधानी कोलकाता से दिल्ली बना दी गयी थी |

10. ☆ 1913 ई. में लाला हरदयाल ने फ्रांसिस्को में ग़दर पार्टी की गठन की, इसका मुख्य उद्देश्य भारत में क्रांतिकारियों गतिविधियों को सक्रीय करना था |
इसके प्रथम अध्यक्ष सोहनसिंह भाकनाथ बने थे |

11. ☆ 1915 ई. में साऊथ अफ्रीका से वकालत करके महात्मा गाँधी भारत देश वापस लौटे और भारत लौटने के साथ ही इन्होने भारतीयों से प्रथम विश्व युद्ध में हिस्सा लेने के लिये कहा,
जिस कारण महात्मा गाँधी को भर्ती करने वाला सर्जेंट कहा जाता है | महात्मा गाँधी को ब्रिटिश सरकार के द्वारा कैंसर – ए – हिन्द की उपाधि से सम्मानित किया गया था |

12. ☆ 1916 ई. में भारत में 2 जगह होम रूल लिंग ,पार्टी की गठन किया |
इस पार्टी का मुख्य उद्देश्य भारत में स्वशासन व्यवस्था की स्थापना करना था | मद्रास में श्रीमती एनीबेसेन्ट और पुणे में बालगंगाधर तिलक ने स्थापना की थी |

13. ☆ 1917 ई. में गाँधी जी के द्वारा आंदोलन आरम्भ हो कर दीये गए थे |
इन्होंने अपना सबसे प्रथम आंदोलन बिहार के चमपारण जिले में निल की खेती पर शामिल होने वाले टैक्स के विरोध में चलाया था |
तथा इसके बाद 1918 में गुजरात में खेड़ा जिले में ’कर- नहीं’ नाम से आंदोलन चलाया और फिर अहमदाबाद में सफल भूख हड़ताल भी किया गया था |
इन सभी तीनो आंदोलन में महात्मा गाँधी सफल रहे जिसके कारण ब्रिटिश सरकार ने रोलेट एक्ट पारित करने का मन बना लिया |

14. ☆ 1919 ई. 19 मार्च को ब्रिटिश सरकार ने रोलेट एक्ट को पारित दिया , इस एक्ट के तहत किसी भी संदेह अथवा शक हो जिसपे उस व्यक्ति को गिरफ्तार किया जा सकता था |
जिसके कारण अलीपुर बम कांड में सैफुद्दीन किचलू को गिरफ्तार कर लिया गया था | और इनकी गिरफ़्तारी होने से पुरे भारत देश में व्यापक रूप से विरोध किया गया |
इसका विरोध जताने के लिये 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियावाला बाग नामक स्थान पर एक बहुत बड़ी सभा का आयोजन किया गया |
तथा इस सभा में जनरल डायर ने अपने सैनिको को अन्धाधुन गोलियां बरसाने की आज्ञा दे दिया |
जिससे की 1000 से अधिक निर्दोष भारतीय मारे गये, और मॉडर्न हिस्ट्री में यह हत्या कांड “जलियावाला बाग हत्याकांड” के नाम से जाना जाता है | तथा इसकी जाँच करने के लिये हंटर कमीशन बैठा |

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15. ☆ 1920 ई. में 1 अगस्त 1920 को महात्मा गाँधी ने असहयोग आंदोलन आरम्भ किया |
परन्तु 5 फरवरी 1922 को गोरखपुर के चोरी – चोरा हत्याकांड के कारण से इस आंदोलन को स्थगित करना पड़ा | तथा भारत में अंग्रजो की एक बार फिर से नीव स्थापित हो चुकी थी |

16. ☆ 1923 ई. में इलाहबाद में मोतीलाल नेहरू और चितरंजन दास ने मिलकर स्वराज पार्टी की गठन किया जिसका मुख्य उद्देश्य भारत का सविधान बनाना था |

17. ☆ 1924 ई. में कर्नाटक के बेलगाव में कांग्रेस अधिवेशन का आरम्भ किया गया, महात्मा गाँधी को इस अधिवेशन का पहली बार और आखरी बार अध्यक्ष नियुक्त किया गया था | तथा महात्मा गाँधी ने स्वराज पार्टी की मांगो का समर्थन किया |

1. ☆ 1927 ई. में भारत का सविधान बनाने के लिये में साइमन कमीशन की नियुक्ति किया गया तथा इसने 3 फरवरी 1928 ई. को भारत में प्रवेश किया था,
क्योंकी इस साइमन कमीशन के सभी सदस्य अंग्रेज थे | जिसके कारण इसका व्यापक पैमाने पर विरोध भी किया गया | इसका विरोध सबसे ज्यादा लाला लाजपतराय ने किया था |
जिस कारण इन्हें लाठियों का एक जोरदार प्रहार सहना पड़ा तथा अंग्रजो के द्वारा किये गये | इस कार्य का पुरे भारत देश में व्यापक और जोरदार पैमाने पर विरोध किया गया |

18. ☆ 1926 ई. में अखिल भारतीय महिला संघ की गठन हुई |

19. ☆ 1927 ई. में बटलर कमिटी – सरकार एवं राज्यों के बीच संबंधो को सुधारना |

20. ☆ 1928 ई. में नेहरू रिपोर्ट अध्यक्ष – अंसारी + मोतीलाल |

21. ☆ 1929 ई. में अंग्रेज का लाहौर अधिवेशन आरंभ किया गया | तथा जवाहरलाल नेहरू को इस अधिवेशन का अध्यक्ष बनाया गया था |
तथा इसी अधिवेशन के अंतर्गत पूर्ण स्वराज्य का संकल्प लिया गया था | और भारत का सविधान बनाने के लिये गोलमेज सम्मेलनों के बारे में विचार - विमर्श की गयी |

22. ☆ 1930 ई. में प्रथम गोलमेज , 1931 ई. में दितीय गोलमेज ,1932 ई. में तृतीय गोलमेज की चर्चा की गयी थी,
इन गोलमेज सम्मेलनों से भारत का संविधान 40 % तक पूरा हो चूका था | और तीनों सम्मेलन में भीम राव अम्बेडकर ने हिस्सा लिया था | और महात्मा गाँधी ने दितीय गोलमेज सम्मेलन में हिस्सा लिये थे |

23. ☆ 1935 ई. में भारत सरकार सुधार अधिनियम को लागु किया गया | तथा यहाँ से भारत में सांसदों की सिटों तय की गयी |
तय की गयी सिटों से भारत का मुस्लिम वर्ग राजी नहीं हुआ | जिस कारण से 1940 में मोहम्मद अली जिन्ना ने एक अलग पाकिस्तान बनाने की मांग कर दी |
इसकी मांगो को दबाने के लिये 1942 में क्रिप्स – मिशन लागु किया गया | इस क्रिप्स मिशन में भारत का संविधान लगभग 60 % तक पूरा कर दिया गया था |
परन्तु अंतिम संविधान 1946 में गठित कैबिनेट मिशन के द्वारा लाया गया || तथा लार्ड माउन्ट बेटन योजना के आधार पर भारत और पाकिस्तान नाम के दो देश बना दीये गये |
इन दोनों देशो के मध्य एक सीमा रेखा का निर्धारण किया गया | जिसे रेडक्लिफ रेखा के नाम से जाना जाता है |
यह सीमा रेखा चार राज्यों को स्पर्श करती हुई गुजरती है | इसके अंतर्गत जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, गुजरात आते है |
तथा कई वर्षो की गुलामी के बाद 15 अगस्त 1947 को भारत एक स्वतन्त्र देश हो गया | तथा इसका संविधान 26 जनवरी 1950 को लागु कर दिया गया |

नोट : 1938 ई. में कांग्रेस हरिपुर अधिवेशन के अंतर्गत योजना आयोग की धरना प्रस्तुत किया गया था |
जिस समय भारत में कांग्रेस पार्टी की गठन हुई थी, उस समय जनरल लार्ड डफरिन बंगाल का गवर्नल था |

4. कोंग्रेस पार्टी से सम्बंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं |

☆ पहले अंग्रेज अध्यक्ष :– जार्ज –यूल |
☆ पहली मुस्लिम अध्यक्ष :– बदरुद्दीन तयब थे |
☆ कोंग्रेस के पहले अध्यक्ष :– व्योमकेश चंद्र बेनर्जी थे |
☆ पहले युवा अध्यक्ष :– मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद थे |
☆ पहली भारतीय महिला अध्यक्ष :– सरोजनी नायडू थी |
☆ पहली महिला अध्यक्ष :– एनी बेसेंट थी |

5. कुछ स्मरणीय महत्वपूर्ण तथ्य...


1919 – 1920 में भारत में मोहम्मद अली तथा सोकत अली खान ने तुर्की के खिलाफ मुस्तफा कमाल पाशा के समर्थन में तथा अंग्रेजो के विरोध में खिलाफत आंदोलन शुरू किया था |
यह आंदोलन सबसे पहले बम्बई में शुरू किया गया | इस आंदोलन की अध्यक्षता करने के लिये महात्मा गाँधी को अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया था |
महात्मा गाँधी के गुरु जिनका नाम गोपाल कृष्ण गोखले था | तथा इनके गुरु का नाम महादेव गोविन्द रानाडे था |
तथा इनके गुरु का नाम केशवदास था | तथा केशवदास के गुरु का नाम रामदास था |इसे आप इस प्रकार से आसानी से समझ सकते है...
☆ महात्मा गाँधी ⇒ गोपाल कृष्ण गोखले ⇒ महादेव गोविन्द रानाडे ⇒ केशवदास ⇒ रामदास |

1930 में महात्मा गाँधी ने असहयोग आंदोलन के बाद दूसरा व्यापक पैमाने पर आंदोलन सविनय अवज्ञा आंदोलन को आरम्भ किया था |
यह आंदोलन सबसे पहले कानपुर में आरम्भ किया गया, तथा यह 1931 में लार्ड इरविन समझौते के बाद इसे बंद कर दिया गया था | जिसके फलस्वरूप महात्मा गाँधी दूसरे गोलमेज पर सम्मेलन में शामिल हुये थे |

8 अगस्त 1942 ई. को महात्मा गाँधी ने भारत छोड़ो आंदोलन आरम्भ किया | तथा यह आंदोलन सबसे पहले बम्बई और कोलकाता से आरम्भ किया गया था |
इसका मुख्य उद्देश्य अंग्रेजो को तुरंत भारत छोड़ने के लिये मजबूर करना था | तथा यह आंदोलन 1942 ई. में क्रिप्स मिशन के आने के साथ ही बंद हो गया था |
इसी आंदोलन के अंतर्गत अरुणा अली ने भूमिगत कार्यों - कलापो के लिये महिला संगठन ऊर्जा का काम किया | फीनिक्स फर्म की स्थापना महात्मा गाँधी ने की थी |

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