WEB DEVELOPER

Web Designing क्या है ?
जब हम किसी भी Site or Website को बनाते है, या और उसमे अपने मनचाहे तरह Content को Webpage में insert करते है तो उसे Web Designing कहते है।

Note:- Web Designinger and Web Developer both are note same.

Webpage


Webpage internet पर उपलब्ध एक Document होता है, जिसे इंटरनेट से जुडा हुआ प्रत्येक व्यक्ति Web Browser की मदद से देखता है।

There are two type of Webpage (1) Static Webpage :- created through HTML and CSS
(2) Dynamic Webpage :- created through PHP, ASP .NET and JSP


There are two type of Web Designing:- - - -
(A) Front End Web Design and (B) Back End Web Developer.



(A) Front End Web Design:


जैसा की आप यहाँ नाम से ही पकड़ सकते है, की यह Web की कौन सी भाग है, Front मतलब सामने यानि जो Visitor को दिखता है।

जब आप किसी भी Website को Open करते है तो जो भी आपके सामने दिखता है वह कार्य Front End designer का होता है। Front End Web Designing से हमारा तात्पर्य सिर्फ website को सुन्‍दर बनाना ही नही होता, बल्की web designing के माध्यम से ये भी सोचना होता है कि कौन सी Content कहाँ पर जोड़ी जाये जिससे हमारी website visitor को कोई परेशानी ना हो।

अगर आप इसे उदाहरण के माध्यम से समझना चाहते है, तो... मान लीजिये की आपके पास किसी भी Company की Bike है।
जब आप Bike को देखते है तो , आप सबसे पहले उसकी Look and Design को देखते है, यानि यह कार्य Front End designer के द्वारा किया गया समझे।
तब इसके बाद आप उसके Features के बारे में जानते है, की Bike कितने की माइलेज देती है, इसकी Battry की Capcity क्या है, Engine की Lasting है। या नहीं यानि किस्म - किस्म के Feature को जानते है, इसे आप Back End Web Developer के द्वारा किया हुआ कार्य समझे।


(B) Back End Web Developer


Web Developer.. website के दिमाग को बनाता है, जैसे कि website पर अगर कोई फार्म भरेगा तो Data किसके पास पहुँचना चाहिये, कोई ID/Password डालता है तो कौन सी Account Open होनी चाहिये।
यह कार्य Visitor को नहीं दिखता है, लेकिन यह भाग बहुत ही महत्व रखती है।

Back End Developer का कार्य visitor को नही दिखता है, लेकिन बिना development के अच्छी website नही बन सकती।


Who is the Web Designer and who is the Web Developer?


अब आप इस बात को आसानी से समझ गये होगे की Web Designer किसको कहते है, और Web Developer किसको कहते है।


अगर नहीं समझे है, तो एक बार फिर से समझ ले...
(A) Front End Web Design: जो करता है, वह Web Designer कहलाता है।
यानि जो भाग User को दिखता है, उस भाग के Coading करनेवाले को Web Designer कहते है।
(B) Back End Developer: जो करता है, वह Web Developer कहलाता है।
यानि जो भाग User को नहीं दिखता है, उस भाग के Coading करनेवाले को Web Developer कहते है।

Front End Design के लिये क्‍या सीखे ?

सबसे पहले हम Front End Designing से शुरू करते है।

Photoshop Basics :


आपको मालूम होना चाहिए की किसी भी कार्य करने के लिए कुछ पहले से तैयारियाँ करनी पड़ती है
जैसा की अगर आप घर बनाना चाहते है तो , आपको पहले Architecture से Map बनवाना पड़ता है ठिक उसी प्रकार Web Designer को यह तय करना पड़ता है, की website की Look कैसी होनी चाहिए।
फिर उस हिसाब से Themes के लिए जो जरूरत होती है, उसे photoshop में design कर बनाया जाता है।
जैसे website की Button, Header, Footer, Logo, and etc
बहुत से लोग website design करने के लिए photoshop पर बहुत बारिकी से बनाते है, लेकिन जो experts है वेलोग Photoshop को मात्र एक blueprint या prototype बनाने के लिये ही प्रयोग करते है।


HTML :


Full form of HTML:-Hyper Text Markup Language. HTML एक markup language है जिसका इस्तेमाल Website का ढा़चा बनाने के लिये होता है।
HTML is language wich is written in form of Code
To learn HTML is very simple. When you learn than you are capable to build a Static website.


CSS :


Full form of CSS:- Cascading Style Sheet. जहाँ HTML हमारी website को structure बनाने के काम में आता है, तो दूसरी ओर CSS हमारे HTML के द्वारा बने structure को design करने के काम में आती है,
ये हमारे website के design को Style देने के काम आती है।


JavaScript:


JavaScript पर कम करना मतलब अब हम पूरी तरह से programming करना शुरू कर देते है। HTML/CSS हमारी website को बना देती है, लेकिन design को atractive बनाने के लिये JS का इस्तेमाल किया जाता है।
जैसा की यदि आप किसी Drop-Down Menu पर Click करते है तो वह किस प्रकार से खुलनी चाहिए, उसका Color Combination कैसा होना चाहिए
इसके लिए ऐसा Coding किया हुआ होता है, जो की जब भी Visitor उस पर Click करता है, तो उस Code को Trace कर Coding के अनुशार रूप लेता है।

HTML और CSS की सहायता से आप एक बहुत अच्‍छी Static Website बना सकते है।
अगर आपने सिर्फ Photoshop, HTML और CSS सीख लिया तो आप किसी IT company मे Job ढ़ुढ सकते है और एक अच्‍छी Static Website बना सकते है।

अब आप जानेगे की Front End Design के लिये क्‍या सीखना पड़ता है ?

HTML/CSS/JS से आप static website बना सकते है, static website की सहायता से database entry, Login, Register जैसे features को नही बना सकते। इसके लिये आपको PHP और Database सीखना पड़ेगा।


PHP :


Backend सिखने के लिए अन्य भाषायें जैसे PHP, ASP.NET, and JSP है,
इन्हीं तीनों भाषायें में से किसी एक भाषा को चुनना होगा, लेकिन इससे पहले इनके बारे में थोड़ी सी जानकारीयाँ लेना जरुरी है की इनमे से कौन अच्छा रहेगा ?
ASP. NET, and JSP उतने Popular और अच्छे नहीं है, जितने की PHP, इसका मुख्य कारण PHP की सरलता और प्रभावकारी होना है |

औसत: Market में किस भाषा की ज्यादा चलती है तो, वे इस प्रकार से आकड़े है।

JSP:-- 5%
ASP. NET:-- 20%
PHP:-- 60%


ये तीनों ही Language एक दूसरे से पूरी तरह से भिन्न हैं, लेकिन फिर भी ये तीनों मूल रूप से C Language पर आधारित Language हैं।
लेकिन फिर भी PHP, C Language से अन्‍य दोनों Language की तुलना में ज्‍यादा करीब है।
अत: यदि आप C Language को सिख चुके है, तो आप बहुत ही आसानी से Server Side Scripting Language के लिए PHP का इस्‍तेमाल करना सीख सकते हैं।

जानकारी के लिये बता देना चाहता हूँ, की facebook जैसी बड़ी Social site PHP पर ही आधारित है।


DataBase


जब हम किसी भी Website पर Account बनाते है या किसी प्रकार के Form में जानकारीयाँ Insert कर जब Submit Button पर Click करते है, और सारा Data जहाँ Store होती है, उसे हम Data Base कहते है।
Database के लिए सबसे ज्‍यादा इस्‍तेमाल होने वाला Data MySQL है इसे सीखने के बाद आप अपनी website पर लोगो के द्वारा Send किये हुये या खुद का data store करवा सकते हो।

Database MySQL मे कुछ भी store करवाने के लिये PHP जैसी भाषाओ का इस्‍तेमाल ज्यादा हो रहा है।


☆ बहुत से छात्र इस बात से हमेशा दुविधा में रहते है, की कौन - सी भाषा हमें पहले सिखनी है, और कौन इसके बाद में।


  • 1. HTML सीखना शुरू कीजिये।
  • 2. Photoshop की basic knowledge
  • 3. जब HTML में आपका हाथ चलने लगे तब CSS सीखना शुरू कीजिये।
  • 4. प्रतिदिन HTML और CSS का इस्‍तेमाल करके कुछ ना कुछ जरुर बनाईये।
  • 5. HTML और CSS सीखने के बाद JavaScript का Basic सीखना शुरू कीजिये।
  • 6. तब PHP शुरू कीजिये, और कुछ Projects बनाकर देखिये।
  • 7.PHP और DataBase को साथ साथ इस्‍तेमाल करके कोई भी सरल Project बनाईये।
  • 8. अंत में सभी का जरूरत के अनुशार इस्‍तेमाल कर एक अच्छा सा Website बनाईये।
  • 9. आप Internet पर Adsens के जरिये dollars मे पैसा कमा सकते है। या किसी अच्‍छी Company मे Job के लिये आवेदन कर सकते है।

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