LESSON GEOMETRY

ज्यामिति (Geometry)


Geometry learn in mathematics
1. ज्यामिति की परिभाषा क्या है ?

ज्यामिति गणित विषय की तीन विशाल शाखाओं में से एक है। इसके अंतर्गत बिन्दुओं, रेखाओं, तलों और ठोस चीज़ों के गुण तथा इसके स्वभाव, मापन और उनके अन्तरिक्ष में सापेक्षिक स्थिति के बारे में अध्ययन किया जाता है । ज्यामिति शाखा ज्ञान की सबसे प्राचीन शाखाओं में से एक शाखा है।
इसकी परिभाषा अन्य शब्दों में कुछ इस प्रकार से दे सकते है... ज्यामिति गणित की एक ऐसी शाखा है, जिसके अंतर्गत बिंदुओं, रेखाओं, वक्रों, समतलों तथा अन्य का अध्ययन किया जाता है। उसे ज्यामिति कहते है |

♥ ज्यामिति विषय लेख के मुख्य बिंदुओ... rectangular learn in mathematics
1. ज्यामिति की परिभाषा क्या है ?
2. कोण किसे कहते है ? तथा इसके प्रकारों को भी बताये ?
3. रेखा किसे कहते है ? तथा इसके प्रकारों को भी बताये ?
4. चतुर्भुज किसे कहते है ? तथा इसके प्रकारों को भी बताये ?
5. वृत, जीवा तथा व्यास के परीभाषा बताये ?

इसकी मदद से भूमि के नाप संबंधी कार्यों से इस विज्ञान की उत्पत्ति हुई है, अत: इस कारण से इस शाखा को भूमिति भी कहते हैं।
शुरुआत में यह अध्ययन रेखाओं और रेखाओं से घिरे क्षेत्रों के गुणों तक ही सीमित रहा था, जिसके फलस्वरूप ज्यामिति का नाम रेखागणित भी है |

ज्यामिति गणित की वह शाखा है जिसके अंतर्गत हम दो या दो से अधिक रेखा खंडों से बनी आकृतियों का अध्ययन करते हैं .

दोस्तों अब आप ज्यामिति के अंतर्गत इस्तेमाल होनेवाले महत्वपूर्ण सभी के परीभाषा को अवश्य स्मरण करिये,
क्योंकि इनके इन सभी शब्दों के जाने बिना आप ज्यामिति से जुड़े सवालों को आप नहीं हल या साबित कर सकते है |


2. कोण किसे कहते है ? तथा इसके प्रकारों को भी बताये ?


किसी बिंदु पर दो आसन किरणों के मिलने से जो बने हुये झुकाव को कोण कहा जाता हैं

☆ कोणों के प्रकार ☆

कोणों को उनकी माप के आधार पर निम्न प्रकारों में बाँटा गया है, जो की इस प्रकार से है...

न्यून कोण

वह कोण, जिसका मान 0° से अधिक और 90° से कम होता है, उसे न्यून कोण कहा जाता हैं |


बिंदु (point)

बिंदु की कोई लम्बाई तथा चौड़ाई नहीं होती है, यह सिर्फ सही स्थिति को दर्शाने का कार्य करता है |


3. रेखा किसे कहते है ? तथा इसके प्रकारों को भी बताये ?

एक रेखाखंड के दोनों दिशाओं में अनंत तक बढ़ाने में आरेख प्राप्त होती है, उसे रेखा कहा जाता है |


रेखा के प्रकार

रेखा के गुणों के आधार पर रेखायें निम्न प्रकार की होती है |


सरल रेखा

सरल रेखा वैसी रेखा को कहा जाता है, जो एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक बिना बदले जाती है |


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वक्र रेखा

वक्र रेखा वैसी रेखा को कहा जाता है, जो एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक टेडी - मेडी होकर तथा दिशा बदलती हुई आगे की बढ़ती जाती है |


संगामी रेखाएं

संगामी रेखाएं वैसी रेखा को कहा जाता है, जो दो या दो से अधिक रेखाएं किसी एक बिंदु से होकर गुजरती है |


समांतर रेखाएं

वैसी रेखा जो दो रेखाओं के बीच की दूरी हमेशा बराबर होती है, तो उन रेखाओं को समांतर रेखा कहा जाता हैं |


तिर्यक रेखा

वैसी रेखा जो दो या दो से अधिक रेखा को काटे उसे तिर्यक रेखा कहा जाता है |


संपाती रेखाएं

वैसी रेखा जो एक ही रेखा पर अन्य एक या एक से अधिक रेखाएं होती है, तो उसे संपाती रेखाएं कहा जाता है |


रेखाखंड

रेखाखंड वैसी, एक रेखा का वह भाग, जिसके दोनों किनारे निश्चित हो, उसे रेखाखंड कहा जाता है |


किरण

एक रेखा का वह भाग, जिसके एक किनारा निश्चित हो, उसे किरण कहा जाता है |


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4. चतुर्भुज किसे कहते है ? तथा इसके प्रकारों को भी बताये ?


किसी समतल पर चार रेखा - खंडों के अंतर्गत निर्मित बंद आकृति को चतुर्भुज कहा जाता है |

☆ चतुर्भुजों के प्रकार ☆


अब आप चतुर्भुज के प्रकार के बारे में जाने जिनके निम्न प्रकार के होते है ...

समांतर चतुर्भुज

यदि चतुर्भुज की सम्मुख भुजाओं का प्रत्येक युगम समांतर है, उसे समांतर चतुर्भुज कहा जाता है |


आयत

एक चतुर्भुज, जिसकी आमने - सामने की भुजायें बराबर हो तथा प्रत्येक कोण 90 डिग्री का हो, तो उसे आयत कहेंगे |


☆ वर्ग ☆

एक ऐसा चतुर्भुज, जिसकी सभी भुजायें समान हो, तथा वह प्रत्येक कोण 90 डिग्री का हो, तो उसे वर्ग कहा जाता है |


☆ समचतुर्भुज ☆

एक चतुर्भुज, जिसकी चारों भुजायें समान हो, समचतुर्भुज कहा जाता है |


☆ समचतुर्भुज के गुण ☆

इसके चारों भुजायें बराबर होती है, विकर्ण एक दूसरे को 90° डिग्री पर समद्विभाजित करते हैं, इसके विकर्ण बराबर नहीं होते हैं, तथा इसके भुजाओं के वर्गों का योग विकरणों के वर्गों के योगफल के बराबर होता है |


☆ समलंब चतुर्भुज ☆

एक चतुर्भुज, जिसकी भुजाओं का एक युग्म समांतर होता हो, उसे समलंब चतुर्भुज कहा जाता है |


☆ समलंब के गुण ☆

इसके आमने - सामने की कोई दोनों भुजायें एक दूसरे के समांतर होती है, तथा इन दोनों समांतर भुजाओं की बीच की सभी दुरिया समान होती है, तथा इसके कोई दो सम्मुख भुजायें असमांतर होती है |


चक्रीय चतुर्भुज

वैसे चतुर्भुज जिसके चारों ओर सिर्फ एक वृत की परिधि पर स्थित हो, उसे चक्रीय चतुर्भुज या वृत्तीय चतुर्भुज कहा जाता है |


5. वृत, जीवा तथा व्यास के परीभाषा बताये ?


☆ वृत ☆

किसी भी समतल में एक स्थिर बिंदु से समान दूरी पर स्थित हो, तथा समस्त बिंदुओं से बनी आकृति को वृत्त कहा जाता हैं |


☆ जीवा ☆

एक रेखाखंड, जिसके दोनों अंतः बिंदु वृत पर हो, उसे वृत्त की जीवा कही जाती है |


☆ व्यास ☆

वह जीवा, दो वृत्त के केंद्र से होकर गुजरती है, तो उस वृत का व्यास कहा जाता है |

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