भारत की प्रतिरक्षा

भारत की प्रतिरक्षा (Protection of india)
1. रास्ट्र की प्रतिरक्षा क्या :-
दोस्तों आज के इस लेख में आप भारत की प्रतिरक्षा से जुड़ी हुई जानकारियों को प्राप्त करनेवाले है, और मैं आप को बताते चलू की की किसी भी रास्ट्र के लिये यह जरुरी है, की वह अपने रास्ट्र को बाहरी आक्रमण के साथ - साथ किसी भी स्थिति में अपनी रक्षा करने में सक्षम होना जरुरी है |
और समय की मांग के अनुसार अपने सैन्य बल नयी तकनीक की यंत्र भी मुहैया कराते रहना चाहिये |
और अपने आप को इस प्रकार से तैयार रहना चाहिये की, अगर अचानक किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा अपने रास्ट्र में आ जाये तो कोशिश करनी चाहिये की कम - से - कम जान और माल की क्षति हो, और भी बहुत से कारणों के वजह से हमेशा तैयार रहने की जरूरत होती है |

☆ भारत की प्रतिरक्षा लेख की मुख्य बिन्दु निम्न है... soldier of indian country
1. रास्ट्र की प्रतिरक्षा क्या है ?
2. भारतीय सेनाओं को कितने भागों में बाँटा गया है ?
3. जल सेना के कमाण्ड और मुख्यालय है ?
4. थल सेना के कमाण्ड और मुख्यालय है ?
5. वायु सेना के कमाण्ड और मुख्यालय है ?
6. भारतीय प्रतिरक्षा से जुड़ी हुई जानकारियाँ |
7. भारतीय प्रतिरक्षा से जुड़ी हुई संस्थाये |

2. भारतीय सशस्त्र सेनाओं को कितने भागों में बाँटा गया है ?


भारत की रक्षा के लिए सेना का गठन किया गया है, जिसका सर्वोच्च सेनापति भारत का रास्ट्रपति होते है, लेकिन केन्द्रीय मंत्रिमंडल के द्वारा रक्षा संबंधी सभी कार्य संचालित किया जाता है, सशस्त्र सेनाओं के प्रशासन का काम रक्षामंत्री करता है ।
भारतीय सशस्त्र सेनाओं को निम्न के तिन भागों में बाँटा गया है...
  • जल सेना Navy

  • थल सेना Army

  • वायु सेना Air Force


  • 3. ☆ जल सेना :-
    इसका प्रधान ऐडमिरल रैंक का ‘चीफ ऑफ स्टाफ’ होते है। अगर ऐडमिरल रैंक का चीफ ऑफ स्टाफ नहीं है, तो उस स्थिति में इसका अधिकारी वाईस ऐडमिरल होता है |
    और इसका मुख्यालय दिल्ली में है। जल सेना को तिन कमाण्ड में बाँटा गया है जिसका निम्न प्रकार है |
    कमाण्डमुख्यालय
    1. पूर्वी कमाण्डविशाखापत्तनम
    2. पश्चिमी कमाण्डमुंबई
    3. दक्षिणी कमाण्डकोचीन
    ☆ जल सेना :- इसमें ऐडमिरल, वाईस ऐडमिरल, रियर ऐडमिरल, कमोडोर, कैप्टेन, कमांडर, लेफ्टिनेंट कमांडर, सब लेफ्टिनेंट, तथा एक्टिंग सब लेफ्टिनेंट मुख्य पर पद होते है |

    4. ☆ थल सेना :-
    इसका प्रधान ‘चीफ ऑफ दी आर्मी स्टाफ’ होते है।
    और इसका मुख्यालय दिल्ली में है। थल सेना को पाँच कमाण्ड में बाँटा गया है जिसका निम्न प्रकार है |
    कमाण्डमुख्यालय
    1. पूर्वी कमाण्डकलकता
    2. पश्चिमी कमाण्डचंडीगढ़
    3. उतरी कमाण्ड566 ए. पी. ओ.
    4. दक्षिणी कमाण्डलखनऊ
    5. मध्य कमाण्डपूणे
    ☆ थल सेना :- इसमें जनरल, लेफ्टिनेंट जनरल, मेजर जनरल, ब्रिगेडियर, कर्नल, लेफ्टिनेंट कर्नल, मेजर, लेफ्टिनेंट, तथा सेकण्ड लेफ्टिनेंट मुख्य पर पद होते है |
    historical of army
    5. ☆ वायु सेना :-
    इसका प्रधान 'एयर चीफ मार्शल रैंक का होते है।
    और इसका भी मुख्यालय दिल्ली में ही है। वायु सेना को सात कमाण्ड में बाँटा गया है जिसका निम्न प्रकार है |
    कमाण्डमुख्यालय
    1. पूर्वी कमाण्डशिलोंग
    2. पश्चिमी कमाण्डनई दिल्ली
    3. दक्षिणी कमाण्डतिरुवनंतपुरम
    4. मध्य कमाण्डइलाहाबाद
    5. दक्षिणी - पश्चिमी कमाण्डजोधपुर
    6. मेंटेनेंस कमाण्डनागपुर
    7. प्रशिक्षण कमाण्डबंगलौर
    ☆ वायु सेना :- इसमें एयर चीफ मार्शल, एयर मार्शल, एयर वाईस मार्शल, एयर कमोडोर, ग्रुप कैप्टेन, विंग कमांडर, स्क्वाड्रन लीडर, फ्लाइंग ऑफिसर, तथा पायलट ऑफिसर मुख्य पर पद होते है |

    6. भारतीय प्रतिरक्षा से जुड़ी हुई महत्वपूर्ण जानकारियाँ...


    डिफेन्स सर्विस कर्मचारी महाविधालय स्थित हैविलिंगटन (तमिलनाडु) में
    एयर फोर्स एकेडमी स्थित हैहैदराबाद में
    इंडियन नेवल एकेडमी स्थित हैकोचीन में
    नेशनल डिफेन्स एकेडमी स्थित हैखड्गवासला में
    इंडियन मिलिट्री एकेडमी स्थित हैदेहरादून में
    एयर फोर्स टेक्निकल कॉलेज स्थित हैजलाहाली ( बैंगलोर ) में
    नेशनल डिफेंस कॉलेज स्थित हैनई दिल्ली में
    आई. एन. एस. तासिरकार्स स्थित हैविशाखापत्तनम् में
    जल सेना का सर्वोच्च अधिकारी होता हैऐडमिरल
    वायु सेना का प्रमुख सर्वोच्च अधिकारी होता है |एयर चीफ मार्शल
    स्थल सेना का सर्वोच्च अधिकारी होता हैजनरल
    self defense from other army

    7. भारतीय प्रतिरक्षा से जुड़ी हुई संस्थाये |


    रास्ट्रीय सैनिक छात्र दल (National Cadet Core, NCC):-
    इस संस्था की स्थापना 16 अप्रैल 1948 ई. में किया गया था | इसका मकसद रास्ट्र के रक्षा के लिये युवकों तथा युवतियों को जागरूक करना |
    किसी भी आपात स्थिति के लिये तैयार कर रखना |

    गृह रक्षा वाहिनी(Home Guards):-
    इस संस्था की स्थापना 6 दिसंबर 1962 ई. में किया गया था | इसका मकसद रास्ट्र के आंतरिक सुरक्षा के लिये पुलिस की मदद करना |
    किसी भी आपात स्थिति के लिये तैयार कर रखना |

    सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force, BSF):-
    इस संस्था की स्थापना 6 दिसंबर 1965 ई. में किया गया था | इसका मकसद अपने रास्ट्र की सुरक्षा हेतु, शत्रुओं के घुसपैठ को नाकाम करना |
    किसी भी आपात स्थिति के लिये तैयार कर रखना |

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