मुझे मेरा अकेलापन ही कुछ ज्यादा भाता है इन बनावटी रिश्तों के बीच दिल घबराता है... Rj__
अपनी क़िस्मत को फिर बदल कर देखते हैं आओ मुहब्बत को एक बार संभल कर देखते हैं जिस्म की भूख तो रोज कई घर उजाड़ देती है हम रूह-ओ-रवाँ को अपनी जान कर के देखते हैं
दिल के दरिया में धड़कन की कश्ती है, ख़्वाबों की दुनिया में यादों की बस्ती है, मोहब्बत के बाजार में चाहत का सौदा है, वफ़ा की कीमत से तो बेवफाई सस्ती है।
जो बुरा है उसे बुरा कहने की हिम्मत रखता हूं। इसलिए मैं आजकल रिश्ते कम रखता हूं ।
जो बुरा है उसे बुरा कहने की हिम्मत रखता हूं। इसलिए मैं आजकल रिश्ते कम रखता हूं ।
लगा लो गले से तो हमें भी यकीं - ए - मोहब्बत हो। वरना लोग तो कहते हैं की तुम ख्वाब - ए - मोहब्बत हो।। ठाकुर अमन सिंह तोमर
