ले भैया omfoo.. धर्राटे काट रही है omfoo
खड़ी खड़ी मुस्कुरा रही है लगता है दिल मे कोई राज़ छुपा रही है मन तो किया कि उससे पूछ लूँ पर, पीछे से एक आवाज़ आयी ऐ भाई मम्मी बर्तन धोने के लिए बुला रही है।
तुम्हारी शायरी बड़ी है फाइरी, तुम्हारी शायरी बड़ी है फाइरी, दिल करता है जल जाये तुम्हारी शायरी वाली डायरी।
