आपकी ज़िन्दगी में खुशियां हीं खुशियां हों, दूर दूर तक गम का नाम ओ निशान न हो, हर दिन ये दुनियां आपके कदम चूमे, और कभी ज़िन्दगी में आपकी शाम न हो।
आज फिर सुबह खिलखिलाई है, हुआ है फिर एक नया सवेरा। चहचहा रहे हैं परिंदे और कलियों ने फिर आज रंग बिखेरा। तू आज फिर एक बार मुस्कुरा दे, तो हो जाये मेरा ये दिन पूरा।
हर सुबह एक नई ज़िन्दगी बनती है, हर दिन एक नई खुशी बनती है, हर वक्त एक नई सोच बनती है, और हर सोच से ज़िन्दगी बदलती है।
ख़्वावों की दुनियां से अब लौट चलो, हो गई खूबसूरत सी सुबह अब उठ जाओ, चाँद तारों की रोशनी को अब बिदा करके, इस दिन की खुशियों में डूब चलो।
चाँद की चांदनी से मांगा है मैंने ये उजला सवेरा, ऐ महकते फूलो मुझे देदो अपना रंग ये गहरा, दुनिया की दौलत की मैं तलब नही करता, मुझे तो सिर्फ हर सुबह चाहिए साथ तेरा।
दोस्तों उठो सूरज निकलने लगा है, दोस्तों फूलों का बाग महकने लगा है, दोस्तों अब नींद से जाग जाओ, क्योंकि अब सपने सच करने का वक्त होने लगा है।
