सोचा था न करेंगे किसी से दोस्ती, न करेंगे किसी से वादा, पर क्या करे दोस्त मिला इतना प्यारा की करना पड़ा दोस्ती का वादा
रिश्ते किसी से कुछ यूँ निभा लो, की उसके दिल के सारे गम चुरा लो, इतना असर छोर दो किसी पे अपना, की हर कोई कहे हमें भी अपना बना लो
रौशनी के लिए दिया जलता हैं शमा के लिए परवाना जलता हैं, कोई दोस्त न हो तो दिल जलता हैं, और दोस्त आप जैसा हो जो ज़माना जलता हैं
हर तरफ कोई कीनारा न होगा, गैरों का क्या अपनों का भी सहारा न होगा, कर लो आजमाइश तुम सारी दुनियाँ की, मेरे जैसा कोई और दोस्त तुम्हारा न होगा
हर कोई साथ हो ये जरुरी नहीं होता, जगह तो दिल में बनायीं जाती हैं, पास होकर भी दोस्ती इतनी अटूट नहीं होती, जितनी की दूर रह कर निभाई जाती हैं
दिल से दिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं, तुफानो में साहिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं, यूँ तो मिल जाता है हर कोई, मगर आप जैसे दोस्त नसीब वालों को मिलते हैं
