आसमान से तोड़ कर तारा दिया है| आपकी दोस्ती की एक नज़र चाहिए, दिल है बेघर उसे एक घर चाहिए, बस यूँही साथ चलते रहो ऐ दोस्त, यह दोस्ती हमें उम्र भर चाहिए
आसमान से तोड़ कर तारा दिया है| आलम ए तन्हाई में एक शरारा दिया है| मेरी किस्मत भी नाज़ करती है मुझे पे खुदा ने दोस्त ही इतना प्यारा दिया है
जो तू चाहे वो तेरा हो, रोशन रातें और खूबसूरत सवेरा हो, जारी रहें हमारी दोस्ती का सिलसिला, कामयाब हर मंजिल पर दोस्त मेरा हो
खुदा से कोई बात अंजान नहीं होती, इन्सान की बंदगी बेईमान नहीं होती. कही तो माँगा होगा हमने भी एक प्यारा सा दोस्त वर्ना यूंही हमारी आपसे पहचान न होती
किसने इस दोस्ती को बनाया, कहा से ये दोस्ती शव्द आया, दोस्ती का सबसे ज्यादा फायदा तो हमने उठाया, क्यों की दुनिया का सबसे प्यारा दोस्त तो हमारे हिस्से में आया
बरसात आये तो ज़मीन गीली न हो, धूप आये तो सरसों पीली न हो, ए दोस्त तूने यह कैसे सोच लिया कि, तेरी याद आये और पलकें गीली न हों
