कर जज्बे को बुलंद जवान, तेरे पीछे खड़ी आवाम ! हर दुश्मन को मार गिराएंगे, जो हमसे देश बँटवाएंगे!
मेरे देश तुझको नमन है मेरा, जीऊं तो जुबां पर नाम हो तेरा मरूं तो तिरंगा कफन हो मेरा
देशभक्तों से ही देश की शान है देशभक्तों से ही देश का मान है हम उस देश के फूल हैं यारों जिस देश का नाम हिंदुस्तान है
आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे बची हो जो एक बूंद भी लहू की तब तक भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगे
इतनी सी बात हवाओं को बताये रखना रौशनी होगी चिरागों को जलाये रखना लहू देकर की है जिसकी हिफाजत हमने ऐसे तिरंगे को हमेशा दिल में बसाये रखना
मुझे ना तन चाहिए, ना धन चाहिए बस अमन से भरा यह वतन चाहिए जब तक जिन्दा रहूं, इस मातृ-भूमि के लिए और जब मरुँ तो तिरंगा कफ़न चाहिये
