उनके हौंसले का मुकाबला ही नहीं है कोई जिनकी कुर्बानी का कर्ज हम पर उधार है आज हम इसीलिए खुशहाल हैं क्यूंकि सीमा पे जवान बलिदान को तैयार है
इश्क तो करता है हर कोई महबूब पे तो मरता है हर कोई कभी वतन को महबूब बना के देखो तुझ पे मरेगा हर कोई
अधिकार मिलते नहीं लिए जाते हैं आजाद हैं मगर गुलामी किये जाते हैं वंदन करो उन सेनानियों को जो मौत के आँचल में जिए जाते हैं
देश के लिए मर मिटना कुबूल है हमें अखंड भारत के सपने का जूनून है हमें
सीने में जूनून और आँखों में देशभक्ति की चमक रखता हूँ ! दुश्मन की सांसे थम जायें, आवाज में इतनी धमक रखता हूँ!
आन देश की, शान देश की, इस देश की हम संतान हैं! तीन रंगों से रंगा तिरंगा, अपनी ये पहचान है!
