दिल हमारे एक हैं एक ही है हमारी जान, हिंदुस्तान हमारा है हम हैं इसकी शान, जान लुटा देंगे वतन पे हो जायेंगे कुर्बान, इसलिए हम कहते हैं मेरा भारत महान।
मैं मुस्लिम हूँ, तू हिन्दू है, हैं दोनों इंसान, ला मैं तेरी गीता पढ़ लूँ, तू पढ ले कुरान, अपने तो दिल में है दोस्त, बस एक ही अरमान, एक थाली में खाना खाये सारा हिन्दुस्तान।
आज मुझे फिर इस बात का गुमान हो, मस्जिद में भजन मंदिरों में अज़ान हो, खून का रंग फिर एक जैसा हो, तुम मनाओ दिवाली मेरे घर रमजान हो।
दोस्ताना इतना बरकरार रखो कि, मजहब बीच में न आये कभी, तुम उसे मंदिर तक छोड़ दो , वो तुम्हें मस्जिद छोड़ आये कभी।
बड़े अनमोल हे ये खून के रिश्ते इनको तू बेकार न कर, मेरा हिस्सा भी तू ले ले मेरे भाई घर के आँगन में दीवार ना कर।
जब आँख खुले तो धरती हिन्दुस्तान की हो: जब आँख बंद हो तो यादेँ हिन्दुस्तान की हो: हम मर भी जाए तो कोई गम नही लेकिन, मरते वक्त मिट्टी हिन्दुस्तान की हो।
