जीतने का मजा तब ही आता है, जब सभी आपके हारने का इंतजार कर रहे हो
मेरी तकदीर में जलना है तो जल जाऊँगा, मैं कोई तेरा वादा तो नहीं जो बदल जाऊँगा, मुझको न समझाओ मेरी ज़िन्दगी के उसूल, मैं खुद ही ठोकर खा के संभल जाऊँगा।
हम बसा लेंगें एक दुनिया किसी और के साथ, तेरे आगे रोयें अब इतने भी बेगैरत नहीं हैं हम।
किसकी मजाल थी जो हमको खरीद सकता था, हम तो खुद ही बिक गए हैं खरीदार देख कर।
हाथ में खंजर ही नहीं आँखों में पानी भी चाहिए, हमें दुश्मन भी थोड़ा खानदानी चाहिए।
मैं न अन्दर से समंदर हूँ न बाहर आसमान, बस मुझे उतना समझ जितना नजर आता हूँ मैं।
