मिटा दिया है वजूद उनका जो भी इनसे भिड़ा है, देश की रक्षा का संकल्प लिए जो जवान सरहद पर खड़ा है।
गूंजे कहीं पर शंख , कहीं पे अजान है, बाइबिल है, ग्रन्थ सहाब है,गीता का ज्ञान है, दुनिया में कहीं और ये मंजर नसीब नहीं, दिखा दो दुनिया को के ये हिन्दुस्तान है।
हम अपने खून से लिखेंगे कहानी ऐ वतन मेरे, करे कुर्वान हंस कर ये जवानी ऐ वतन मेरे, दिली ख्वाइश नहीं कोई मगर ये इल्तजा बस है, हमारे हौसले पा जाये मानी ऐ वतन मेरे।
काले गोरे का भेद नहीं, हर दिल से हमारा नाता है, कुछ और न आता हो हमको, हमें प्यार निभाना आता है।
उनके हौसले का भुगतान क्या करेगा कोई, उनकी शहादत का क़र्ज़ देश पर उधार है, आप और हम इस लिए खुशहाल हैं क्योंकि, सीमा पे सैनिक शहादत को तैयार हैं।
बस ये बात हवाओं को बताये रखना, रौशनी होगी चिरागों को जलाये रखना, लहू देकर जिसकी हिफाज़त की शहीदों ने, उस तिरंगे को सदा दिल में बसाये रखना।
