कितना प्यार है उनसे काश वो ये जान लें, वो ही है ज़िंदगी मेरी ये बात मान लें, उनको देने को नहीं कुछ पास हमारे, बस एक जान है हमारी जब चाहे मांग लें
कभी ग़म तो कभी तन्हाई मार गयी, कभी याद आ कर उनकी जुदाई मार गयी, बहुत टूट कर चाहा जिसको हमने, आखिर में उनकी ही बेवफाई मार गयी
प्यार ना मिला तो क्या,,, हमे आशिक होने पर गुरुर है।।।।। । । मंज़िल मिले या ना मिले,,, हमे मुसाफिर होने पर गुरुर है।।।
