लोग हमारे बारे में क्या सोचते है अब अगर ये भी हम ही सोचेंगे तो फिर लोग क्या सोचेंगे?
राज तो हमारा हर जगह पे है पसंद करने वालों के दिल में और नापसंद करने वालों के दिमाग में
लहरों को खामोश देखकर यह न समझना कि समंदर में रवानी नहीं है, हम जब भी उठेंगे तूफान बन कर उठेंगे बस अभी उठने की ठानी नहीं है!
तूफानों से पंगा लेना पर हमसे नहीं क्योंकि जिन तूफानों में, लोगों के घर उड़ जाते है हम उन तूफानों में अपने कच्छे सुखाते है!
तू बेशक अपनी महफिल में मुझे बदनाम करती हैं लेकिन तुझे अंदाजा भी नहीं कि वो लोग भी मेरे पैर छुते है जिन्हें तू भरी महफिल में सलाम करती है
तू मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे… अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती
