MAIN WO SAKSHS HU JISKO JARURAT KE SAMAY YAAD KIYA JATA HAI
MAIN WO SAKSHS HU JISKO JARURAT KE SAMAY YAAD KIYA JATA HAI
लिखने को तो बहुत कुछ है । मगर सब कुछ लिख तो नहीं सकते। तुम्हारी और मेरी यादें इतनी छोटी भी नहीं की। कुछ शब्दों में बयां कर सके।
बहते हुए पानी में और ठहरे हुए पानी मे बहुत अंतर होता है बहते हुए पानी को सब पुजते है और ठहरे हुए पानी को कोई नहीं पूजता वैसा ही कुछ हाल मेरा भी है मैं अभी थेरे हुए पानी के जैसा हू !! परिंदा_
Bhtaa hue pani me or Thehre hue pani me Bhut antar hota hai Behte hue paani ko Sb pujte hai Or thehre hue paani ko Koi nhi pujta Waisa kuch haal mera v hai M abhi thehre hue paani k jaisa
कुछ हदें हैं मेरी कुछ हदें हैं तेरी.!! लेकिन दायरों में भी इश्क़ होता है…!!❤
