सपने तो सोते हुए देखते हैं कामयाब बनना हो तो खुली आँखो से योजना बनानी पड़ती
ये कैसी ख्वाहिश है कि मिटती ही नहीं जी भर के तुझे देख लिया फिर भी नजर हटती नहीं
ये रात चाँदनी बनकर आँगन में आये ये तारे लोरी गा कर आपको सुनाएं आयें आपको इतने प्यारे सपने यार कि नींद में भी आप हलके से मुस्कुराएं।
नजर में आपकी नज़ारे रहेंगे पलकों पर चाँद सितारे रहेंगे बदल जाये तो बदले ये ज़माना हम तो हमेशा आपके दीवाने रहेंगे
अगर आपके सिर या आँख में दर्द होता है तो मोबाइल उठा कर बाहर फ़ेंक दे और सो जाओ सच्ची बहुत आराम मिलेगा
रात ख़ामोश सी चुपचाप है शोर तेरी यादों का बेहिसाब है !
