सोचकर देखा तो, तुम मेरे बहुत करीब थे, देखकर सोचा तो, पाया फासला ही फासला !
शरीर सुंदर हो या ना हो पर शब्दों को जरूर सुंदर रखिये क्योंकि लोग चेहरे भूल जाते हैं पर शब्दों को नहीं भूलते
डरते है आग से कही जल न जाये, डरते है ख्वाब से कहीं टूट न जाये, लेकिन, सबसे ज़्यादा डरते है, आपसे, कहीं आप हमे भूल न जाये….
रोज़ सोचता हूँ कि जल्दी सो जाऊं लेकिन सोचते सोचते ही, 1 बज जाता है..!!!
ज़िन्दगी गुज़रने लगी है अब तो किश्तों पर ये कुछ ग्राम का मोबाइल भारी पड़ गया है रिश्तों पर
पागल हे वो लोग जो अपने लवर को मिस किया करते हे अरे! मिस करना हे तो मच्छर को करो जो अपनी जान पर खेल कर आप को किस किया करते हे |
